Wednesday, May 25, 2022
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क्या है महाराजा दिग्विजय सिंह जाम साहेब और Poland कनेक्शन?

Poland and India connection क्या ही पोलैंड और भारत के बीच रिश्ता.जामनगर के राजा दिग्विजय सिंह ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जब 1000 पोलिश बच्चों को आश्रय poland refugees in india दिया था. पोलैंड इस मदद को नहीं भूला है और अब यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों की मदद के लिए आगे आया है।

भारत और पोलैंड के बीच अच्छे संबंध हैं उसके पीछे इतिहास की एक बड़ी घटना है।रूस और यूक्रेन के बीच  पिछले 19 दिनों से युद्ध चल रहा है। उस समय यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को बिना वीजा के पोलैंड में प्रवेश करने की अनुमति दी थी।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जामनगर के राजकुमार द्वारा दिखाई गई उदारता को भी पोलैंड के भारतीयों की मदद के पीछे का कारण माना जाता है।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, जर्मनी और रूस ने संयुक्त रूप से पोलैंड पर आक्रमण किया। इस हमलेमे  जो पोलैंड को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ था। पोलैंड के सबसे ज्यादा सैनिक मारे गए और हजारों बच्चे अनाथ हो गए थे। इन अनाथों को उस समय के जामनगर के महाराजा दिग्विजय सिंह ने लगातार 4 वर्षों तक आश्रय दिया था।

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ब्रिटेन में मिले  वॉर केबिनेट war cabinet में एक प्रस्ताव पारित हुआ था. जिसमे 1000 अनाथ बच्चों को जामनगर के बलाचडी में रखा गया। जहां इन बच्चों के रहने, खाने और शिक्षा समेत तमाम इंतजाम किए गए।

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1989 में सोवियत संघ soviet union से अलग होने के बाद पोलैंड ने जामनगर के महाराजा की मदद की सराहना की थी. और महाराजा दिग्विजय सिंह के नाम पर पोलैंड की राजधानी वारसॉ Warsaw में एक चौक और एक पार्क का नाम महाराजा दिग्विजय सिंह रखा गया था।

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इसके अलावा, महाराजा को मरणोपरांत सर्वोच्च नागरिक सम्मान कमांडर क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मेरिटसे commander’s cross of the order of merit  सम्मानित किया गया है। तो इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि पोलैंड की संसद में महाराजा जाम साहब के नाम की शपथ ली जाती है।

भारत-पोलिश संबंधों पर आधारित ऐतिहासिक डॉक्यूमेंट्री ‘ए लिटिल पोलैंड इन इंडिया’ Little Poland in India documentary बलाछाडी में पुलिस शरणार्थियों के जीवन की एक झलक देता है।

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