राजस्थान: अब वसुंधरा के लिए आनंदपाल बना मुसीबत

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anandpal ancounter in rajasthan play important role in elections against bjp

चुनाव नजदीक आने के साथ ही राजस्थान में पिछले साल जून में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए कुख्यात बदमाश आनंदपाल सिंह की भी चुनावी रण में एंट्री हो गई है। दरअसल अब आनंदपाल की मां निर्मल कंवर और बेटी योगिता बीजेपी के खिलाफ प्रचार कर रही हैं और कांग्रेस का साथ दे रही हैं। बता दें कि आनंदपाल सिंह के मामले को लेकर राजपूत समाज की बीजेपी से खास नाराजगी रही है।

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असल में आनंदपाल का एनकाउंटर अब वसुंधरा सरकार के लिए मुसीबत बन गया है। इस एनकाउंटर की वजह से ही रावणा राजपूत समाज पहले ही सरकार से नाराज चल रहा है। बीजेपी की लोकसभा के उपचुनावों में भी हुई हार में राजपूत समाज की अहम भूमिका मानी जा रही थी, क्योंकि अजमेर लोकसभा क्षेत्र में रावणा राजपूत 65 हजार की संख्या में हैं। वहीं रावणा राजपूत के वोट हासिल करने के लिए कांग्रेस ने पहली ही सूची में 2 रावणा राजपूत के नाम शामिल कर दिए थे।

राजस्थान में राजपूत एक प्रभावशाली जाति रही है और प्रदेश की आबादी का 10-12 फीसदी हिस्सा राजपूतों का ही है। वहीं आंनदपाल के जिले नागौर में कुल 10 विधानसभा सीट हैं, जिसमें करीब 7 सीटों पर राजपूत मतदाता निर्णायक साबित होता है। अब यहां के रावणा राजपूत समुदाय के लोग भी बीजेपी का विरोध कर रहे हैं, जिनका कहना है, ‘हम एक साथ बीजेपी के खिलाफ लड़ रहे हैं। चाहे राजपूत हो गया रावणा राजपूत, हम एक साथ बीजेपी को हराने के लिए काम कर रहे हैं। हमें लग रहा है कि बीजेपी राजपूतों के खिलाफ है।’ हालांकि अब आनंदपाल का मामला सीबीआई के हाथ में है।

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