एनडीटीवी के मशहूर पत्रकार रविश कुमार अक्सर  आईटी सेल के निशाने पर रहते है, चूँकि वो दिल खोल कर सत्ताधारी बीजेपी पार्टी की आलोचना करते है . एक बार फिर से आईटी सेल के निशाने पर आ गए है , इस बार  आईटी सेल के लोग पत्रकार रविश कुमार के फेसबुक पेज पर उनकी रेटिंग कम करने में जुट गए है … वही उन्होंने तंज़ कसते हुए कहा ” ख़र्चा मोदी जी के समर्थकों का और चर्चा रवीश कुमार का! “  साथ ही उन्होंने कुछ फ़ोटो भी शेयर करी अपने फेसबुक पोस्ट पर ” .

 

रविश कुमार ने फेसबुक पोस्ट में कहा :-

"ख़र्चा मोदी जी के समर्थकों का और चर्चा रवीश कुमार का!

ध्यातव्य और ज्ञातव्य हो कि.....

आई टी सेल मेरे फ़ेसबुक पेज Ravish Kumar की रेटिंग ज़ीरो करने में लगा है।

उन्हें लगता है रेटिंग ज़ीरो होने से फ़ेसबुक मुझे फ्री 1.5 जीबी का दैनिक भत्ता बंद कर देगा । 
इसलिए मेरी रेटिंग ज़ीरों करने में अपना 1.5 जीबी ख़त्म कर रहे हैं।

ज़ीरो यानी शून्य भारत की देन है।


आई टी सेल ने ज़ीरो और भारत की खोज का अपमान किया है।

आई टी सेल वाले गर्व कर सकते है कि वे लोग अक़्ल से ज़ीरो हैं ।

तभी तो मेरे नाम से अफ़वाहें फैलाते हैं। धमकियाँ दिलवाते हैं।

आई टी सेल को मेरी बात बुरी लगती है क्योंकि मेरे सवालों के जवाब उसके पास नहीं होते। 
इसलिए निजी हमले करता है।

जबकि सौ बार कहा है कि मैं प्रधानमंत्री के रेस में नहीं हूँ!

फिर भी आई टी सेल मुझे लेकर रेस में रहता है।

अच्छी बात है। मेरे कारण कई लोगों को काम मिला है।
मोदी जी के कारण कितनों को काम मिला है न मोदी जी बता पा रहे हैं न आई टी सेल वाले।

मेरी रेटिंग कम होने से क्या हो जाएगा मुझे नहीं पता। जब 4.5 से ज़्यादा थी तब भी फ़र्क़ नहीं पड़ा।

जैसे विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के फ़ेसबुक पेज की रेटिंग कम कर देने 
से क्या मोदी जी उन्हें विदेश राज्य मन्त्री बना दिया?

हँसो न भाई। थोड़ा तो हँसो। योग का पार्ट है हँसना। अब तो दाँत चियार दो।

मैं दुनिया का पहला ज़ीरो टी आर पी एंकर हूँ।

आई टी सेल की मेहनत से ज़ीरो हो भी गया तो अपन तो है ही पहले से ज़ीरो टीआरपी एंकर।

उन्हें पता है कि टीवी की रेटिंग बोगस है। मेरी रेटिंग असली है!

मैं आई टी सेल के दिल और दिमाग़ पर राज करता हूँ जहाँ कभी मोदी जी थे।

समर्थकों की सुबह मेरे नाम से होती है और शाम भी।

यक़ीन न हो तो आप देखिए ये मेरे नाम से कितने फ़र्ज़ी मीम बनाते हैं जिसे व्हाट्स एप में चलाया जाता है। 
एक नमूना आज भी दे रहा हूँ।

ख़र्चा मोदी जी के समर्थकों का और चर्चा रवीश कुमार का!

संडे मनाओ। अपना खाता अमित शाह की चेयरमैनी वाले बैंक में खोल लो। 
वहाँ नोटबंदी में देश भर में सबसे अधिक पैसा जमा हुआ था। बीजेपी के बैंकर अध्यक्ष पर इतना तो भरोसा 
करो। हर समय उन पर शक करना ठीक नहीं है!"

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