‘जूताकांड’ पर बोले Akhilesh yadav- जब PM घर में घुसकर मारने और CM ठोकने की बात करेंगे तो यह होना ही था

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समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव ने राफेल फाइल चोरी और संत कबीरनगर में सांसद-विधायक के बीच मारपीट को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है.अखिलेश यादव ने ट्वीट किया ”अब सत्ताधारी कह रहे हैं कि राफेल की फाइल चोरी हो गयी, पहले माफ़ी मांगी कोर्ट में व्याकरण पर फिर शर्मिंदा हुए भाजपा के सांसद-विधायक जी के जूते के आचरण पर.” उन्होंने कहा, ”भाजपा का कार्यकर्ता अपने नेताओं से पूछ रहा है क्या यही मुद्दे लेकर जनता के बीच जाएंगे, जनता को भला हम क्या मुँह दिखाएंगे. संत कबीरनगर में सांसद और विधायक के बीच हुए ‘जूताकांड’ पर अखिलेश यादव ने कहा कि  जब देश के प्रधानमंत्री कहते हैं- घर में घुसकर मारूंगा और मुख्यमंत्री एक कदम आगे जाकर ठोकने की बात करते हैं, जब पीएम और सीएम इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं, जिसे लोकतंत्र में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, तब ऐसी घटनाएं होती हैं. 

क्यों भिड़े थे सांसद और विधायक
 उत्तर प्रदेश के संतकबीर नगर (Sant Kabir Nagar) जिले में बीजेपी (BJP)  सांसद और विधायक आपस में बुधवार को भिड़ गए थे. सरकारी मीटिंग के दौरान यह घटना हुई थी. इस दौरान संतकबीर नगर से बीजेपी सांसद शरद त्रिपाठी (BJP MP Sharad Tripathi) ने अपनी ही पार्टी के विधायक राकेश सिंह (BJP MLA Rakesh Singh) को जूते से पीटा. इसके बाद दोनों नेताओं के समर्थकों ने भी मारपीट की. दोनों नेताओं में फाउंडेशन स्टोन पर नाम लिखवाने को लेकर मारपीट हुई. इस दौरान भारी हंगामे और मारपीट से मौके पर अफरातफरी भी मच गई. आसपास मौजूद लोगों ने मामले को आगे बढ़ने से बचाने के लिए बीच बचाव किया. इस विवाद को लेकर जमकर नारेबाजी भी हुई.  ये मारपीट कलेक्ट्रेट में चल रही जिला कार्ययोजना समिति की बैठक के दौरान हुई. दोनों नेताओं के बीच हो रही मारपीट को रोकने के लिए मौजूद पुलिस अधिकारियों ने कोशिश की, लेकिन दोनों नहीं रूके.

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में BJP सांसद शरद त्रिपाठी (Sharad Tripathi) बार-बार कहते हुए सुने जा सकते हैं कि सांसद कौन है. सवाल-जवाब के दौर के बाद सांसद शरद त्रिपाठी अपना आपा खो बैठे और जूता निकाल कर बीजेपी विधायक राकेश सिंह (Rakesh Singh) को पीटने लगे. हालांकि मेंहदावल से बीजेपी विधायक राकेश सिंह भी अपनी सीट से उठे और शरद त्रिपाठी के पास पहुंचे और उसी अंदाज में जवाब दिया, लेकिन फर्क सिर्फ इतना था कि विधायक जी ने अपने जूते नहीं निकाले थे. 

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