कमाई 3 से 5 लाख तक वाले समझें आयकर छूट से कितनी होगी बचत

0
34

अंतरिम बजट 2019 में आयकर में दी गई छूट को सरकार का मास्टर स्ट्रोक बताया जा रहा है. कहा जा रहा है कि सरकार ने मिडिल क्लास का दिल जीत लिया है और सालों पुरानी मांग पूरी कर डाली. लेकिन क्या सरकार ने जो छूट दी है वो मामूली राहत है या गेमचेंजर? डेलोइटे (Deloitte) के दी टैक्स एनालिसिस के मुताबिक पहले तीन लाख तक की टैक्सेबल इनकम पर ढाई हजार का टैक्स लगता था, उसे सेक्शन 87A के तहत पूरी रिबेट मिलती थी. इसके बाद साढ़े तीन लाख तक की टैक्सेबल इनकम पर पांच हजार रुपये टैक्स लगता था और उसे भी ढाई हजार की रिबेट (छूट) मिलती थी. जबकि 4 लाख तक की टैक्सेबल इनकम पर साढ़े सात हजार रुपये की छूट मिलती थी.

वहीं, 5 लाख तक की टैक्सेबल इनकम पर साढ़े 12 हजार रुपये, और 10 लाख तक की टैक्सेबल इनकम पर 1,12,500 रुपये का टैक्स पड़ता था.

अब अंतरिम बजट में पीयूष गोयल के ऐलान के बाद क्या बदलाव हुआ ये जानते हैं.– 3,50,000 रुपये तक की टैक्सेबल इनकम पर लगने वाले 5000 रुपये के टैक्स पर पूरा रिबेट मिलेगा.

– 4,00,000 रुपये तक की टैक्सेबल इनकम पर लगने वाले साढ़े 7 हजार रुपये के टैक्स पर भी पूरा रिबेट मिलेगा.

. 5,00,000 रुपये तक की टैक्सेबल इनकम पर लगने वाले साढ़े 12 हजार रुपये के टैक्स पर भी पूरा रिबेट मिलेगा.

ये सारा रिबेट सेक्शन 87A के तहत दिया जाएगा. लेकिन 10 लाख रुपये की टैक्सेबल इनकम पर 1,12,500 रुपये टैक्स लगना जारी रहेगा.

अंतरिम बजट के बाद किसे क्या फायदा

3,50,000 रुपये तक की टैक्सेबल इनकम वालों को 2600 रुपये का फायदा होगा.

4,00,000 रुपये तक की टैक्सेबल इनकम वालों को 7800 का फायदा मिलेगा.

5,00,000 रुपये तक की टैक्सेबल इनकम वालों को 13 हजार रुपये का फायदा होगा.

10,00,000 रुपये की टैक्सेबल इनकम पर जितना टैक्स पहले था यानी अब भी 1,12,500 रुपये का टैक्स लगना जारी रहेगा.

गौरतलब है कि एक फरवरी को अंतरिम बजट पेश करते हुए पीयूष गोयल ने 5 लाख रुपये तक की कमाई पर आयकर छूट देने की घोषणा की. इस बजट के बाद केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा कि 2019-20 के बजट प्रस्ताव को स्पष्ट करते हुए कहा कि 5 लाख रुपये से अधिक की सालाना आय वालों के लिए ‘पुरानी’ कर दर लागू रहेगी. हालांकि, जिन लोगों की कर योग्य आय 6.5 लाख रुपये सालाना है वे भी कर छूट प्राप्त कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें विशेष निवेश योजना मसलन कर्मचारी भविष्य निधि (PPF), सामान्य भविष्य निधि (GPF) और बीमा वगैरह में डेढ़ लाख रुपये तक का निवेश करना होगा.

LEAVE A REPLY