12वीं पास स्मृति ईरानी पर कांग्रेस का तंज, क्योंकि मंत्री भी कभी ग्रेजुएट थीं

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अमेठी से नामांकन दाखिल करने के दौरान हलफनामे से सामने आई केंद्रीय मंत्री की शैक्षणिक योग्यता पर कांग्रेस ने तंज कसा है। हलफनामे के अनुसार, स्मृति ईरानी 12वीं पास हैं जबकि इससे पहले तक उनके ग्रेजुएट होने की बात कही गई थी। इसी बात पर कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थीं’ धारावाहिक की तर्ज पर ‘क्योंकि मंत्री भी कभी ग्रेजुएट थी’ कहकर चुटकी ली है।

कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, ‘एक नया सीरियल आने वाला है क्योंकि मंत्री भी कभी ग्रेजुएट थी। इसकी शुरुआती लाइन होगी- ‘क्वालिफिकेशन के भी रूप बदलते हैं, नए-नए सांचे में ढलते हैं। एक डिग्री आती है, एक डिग्री जाती है, बनते हलफनामे नए हैं…क्योंकि मंत्री भी कभी ग्रेजुएट थीं।’

प्रियंका ने आगे कहा कि स्मृति ईरानी जी ने अपनी शैक्षणिक योग्यता को लेकर एक चीज कायम की है कि किस तरीके से ग्रेजुएट से 12वीं कक्षा के हो जाते हैं। वो मोदी सरकार से ही और मोदी सरकार में ही मुमकिन है।’ इसके साथ ही उन्होंने ईरानी के 2004, 2011, 2014 के हलफनामों की तस्वीर भी साझा की है।

कांग्रेस के तंज पर स्मृति ईरानी ने कहा, ‘पिछले पांच सालों में उन्होंने मुझपर हर संभावित तरीके से हमला किया है। मेरा उन्हें केवल एक संदेश है कि आप मुझे जितना अपमानित और लज्जित करेंगे, मुझपर जितने हमले करेंगे उनता ज्यादा मैं अमेठी में कांग्रेस के खिलाफ काम करुंगी।’

ईरानी पहले विपक्ष के दावों को खारिज करती रही थीं अब उन्होंने माना है कि उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के स्नातक कोर्स में दाखिला लिया था लेकिन वह इसे पूरा नहीं कर पाई थीं। अपने चुनावी हलफनामे में ईरानी ने खुलासा किया कि उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग से पहले साल बैचलर ऑफ कॉमर्स (B.Com) की परीक्षा दी लेकिन वह तीन साल के कोर्स को पूरा नहीं कर पाई थीं।

विपक्ष का कहना है कि 2004 और 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने अपने हलफनामें में खुद को स्नातक बताया था जोकि गलत है। 2004 में ईरानी ने दिल्ली के चांदनी चौक से कपिल सिब्बल के खिलाफ चुनाव लड़ा था। तब उन्होंने खुद को बीए डिग्रीधारक बताया था।अपने हलफनामे में उन्होंने बताया था कि 1996 में दिल्ली विश्वविद्यालय से (स्कूल ऑफ कोरसपोंडेस) उन्होंने बीए किया है। 2014 के हलफनामे में उन्होंने खुद को दिल्ली विश्वविद्यालय से (स्कूल ऑफ कोरसपोंडेस) से बीकॉम डिग्रीधारक बताया था। हालांकि ताजा हलफनामे में उनका कहना है कि वह स्नातक की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाई थीं। 

अगस्त 2014 में एक मीडिया कार्यक्रम के दौरान ईरानी ने कहा था कि उनके पास अमेरिका के येल विश्वविद्यालय की एक डिग्री है। जिसपर पलटवार करते हुए कांग्रेस ने कहा था कि उन्होंने इसे अपने हलफनामे में क्यों नहीं बताया। केंद्रीय मंत्री के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में अपना शैक्षणिक योग्यता को गलत बताने का मामला दर्ज है। 
हालांकि विवाद के समय काफी नेता ईरानी के समर्थन में आ गए थे। जिसमें उमर अब्दुल्ला भी शामिल हैं। 

अपने ताजा हलफनामे में स्मृति ने अपनी संपत्ति 4.71 करोड़ रुपये घोषित की है। उन्होंने बताया कि उनके पास 1.75 करोड़ की चल और 2.96 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। इसमें 1.45 करोड़ रुपये मूल्य की कृषि योग्य भूमि और 1.50 करोड़ की आवासीय इमारत शामिल है।

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