लोकसभा चुनाव से पहले प्रियंका गांधी शुरू कर सकती हैं राजनैतिक करियर

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आज प्रियंका गांधी का जन्मदिन है. प्रियंका के सक्रिय राजनीति में उतरने को लेकर लगातार कयास लगते रहे हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की बहन के तेज-तर्रार तेवरों में अक्सर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की झलक मिल जाती है, ये भी पार्टी-भक्तों के लिए एक बड़ी वजह रही. वैसे हाल में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की कामयाबी से राहुल की जगह प्रियंका के सियासी चेहरा बनाए जाने के कयासों पर रोक तो लगी लेकिन वे एक नई वजह से फिलहाल चर्चा में हैं. वे एक किताब लिख रही हैं. प्रियंका की ये किताब अगले साल लोकसभा चुनावों के ठीक पहले मार्च में प्रकाशित होने की बात चल रही है. प्रियंका के इस किताब लेखन के पीछे भी राजनैतिक गलियारों में चर्चाएं हैं कि ये उनके राजनीति की मुख्यधारा से जुड़ने की शुरुआत भी हो सकती है.

प्रियंका गांधी किताब पर काम शुरू कर चुकी हैं और इसका नामकरण भी हो चुका है. अगेंस्ट आउटरेज नाम से इस किताब के बारे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि ये मोदी सरकार की नीतियों या आम लोगों पर उसके असर का खुला जिक्र हो सकता है.

केवल चुनावों के दौरान अपनी पार्टी का प्रचार-प्रसार करती प्रियंका ने अब तक सक्रिय राजनीति से नाता नहीं जोड़ा है लेकिन तब भी उनकी राजनैतिक समझ और दूरंदेशी पर पार्टी के लोगों का भारी भरोसा रहा है, यही वजह है कि समय-समय पर उन्हें पार्टी अध्यक्ष और प्रधानमंत्री की उम्मीदवारी के लिए खड़ा करने की सुगबुगाहट भी पार्टी में उठती रही है. अब इस किताब के जरिए प्रियंका अपने राजनैतिक दृष्टिकोण को आम जनता के सामने लाने जा रही हैं.

अगेंस्ट आउटरेज लगभग 3 सौ पन्नों की किताब होगी, जिसमें तकरीबन 75 हजार शब्द हो सकते हैं. एक प्रकाशक ने प्रियंका से इस किताब के लिए करार भी कर लिया है, जिसके बदले प्रियंका को एक करोड़ रुपए की अग्रिम राशि भी मिल चुकी है. दिल्ली यूनिवर्सिटी से मनोविज्ञान में ग्रेजुएशन कर चुकी प्रियंका ने जल्द ही प्रकाशक को पुस्तक की पांडुलिपि सौंपने का वादा किया है.

ये भी कयास लगाया जा रहा है कि इस किताब के साथ प्रियंका अपनी राजनैतिक शुरुआत कर सकती हैं, यही वजह है कि मूलतः अंग्रेजी में लिखी जा रही पुस्तक को हिंदी के साथ दूसरी प्रादेशिक भाषाओं में भी छापा जाएगा. ऑडियो बुक के तौर पर भी इसे रिलीज करने की योजना है ताकि ये ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सके.

पुस्तक लेखन के जरिए प्रियंका अपने परदादा पंडित जवाहरलाल नेहरू के नक्शेकदम पर चलने को तैयार हैं. इन्होंने अपने राजनैतिक अनुभवों को लेकर किताब लिखी थी, बेटी इंदिरा को जेल से लिखे पत्र भी काफी लोकप्रिय रहे. जेल प्रवास के दौरान ही नेहरू की एक किताब Discovery of India आई और देश-विदेश की कई भाषाओं में इसका अनुवाद हुआ.

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