सुसाइड नोट में लिखा – ऑफिस की लड़कियों ने फंसाया

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पिछले दिनों सोशल मीडिया पर यौन शोषण के खिलाफ चले #MeToo कैंपेन में बॉलीवुड सितारों से लेकर राजनेता तक फंसे, लेकिन अब इस कैंपेन का साइड इफ़ेक्ट भी देखने को मिल रहा है. नोएडा स्थित जेनपैक्ट कंपनी के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट स्वरूप राज ने अपने ऊपर लगे यौन शोषण के आरोप और कंपनी से निलंबन का लेटर मिलने के बाद पंखे से लटककर जान दे दी.

35 साल के स्वरूप राज ने अपने पीछे छोड़े सुसाइड नोट में खुद को निर्दोष बताया है. पत्नी कृति को संबोधित इस सुसाइड नोट में स्वरूप राज ने लिखा है कि उन पर यौन शोषण का आरोप लगा है, जो कि निराधार है

स्वरूप ने लिखा, “मैं अपनी पत्नी कृति को बहुत ज्यादा प्यार करता हूं. मुझ पर जो भी गंदे आरोप लगे हैं वह सब गलत और बेबुनियाद हैं. इसमें कोई भी सच्चाई नहीं है. मेरे ऑफिस की ही लड़कियों ने झूठा फंसाया है. यदि जांच में मुझे निर्दोष भी घोषित कर दिया गया फिर भी आरोप लगने की वजह से लोग मुझे शक की निगाह से देखेंगे. इस तरह मैं कैसे दोबारा कंपनी जाऊंगा. मेरी वजह से मेरी बीवी को जिल्लत सहनी पड़ेगी और यह सब मेरे लिए बर्दाश्त करना बहुत ज्यादा मुश्किल होगा. इसलिए मैं यह कदम उठा रहा हूं.”

 


गौरतलब है कि 18 दिसम्बर को ही कंपनी के तरफ से उन्हें निलम्बन का लेटर मिला था. निलम्बन लेटर में उनसे कहा गया था कि वे अपने आईडी कार्ड और लैपटॉप कंपनी को सौंप दें और उन्हें ऑफिस आने की जरूरत नहीं है. परिवार का कहना है कि यौन शोषण का आरोप और नौकरी से सस्पेंशन से परेशान होकर स्वरूप ने यह कदम उठाया है. अगर कंपनी ने जांच की होती और उसके बाद कोई फैसला लिया होता तो शायद स्वरूप आज जिंदा होता.

स्वरूप राज अपने परिवार के साथ नोएडा के सेक्टर 137 में रहते थे. वह हरियाणा के रहने वाले थे और दो साल पहले ही उनकी शादी हुई थी. वह जेनपैक्ट में लंबे समय से नौकरी कर रहे थे. हाल ही में उनका प्रमोशन भी हुआ था.

सूरजपुर पुलिस स्टेशन के एसएचओ मुनीश चौहान ने कहा कि जांच के दौरान कंपनी ने स्वरूप के काम करने पर रोक लगा रखी थी. सुसाइड नोट में व्यक्ति ने लिखा है कि उसके खिलाफ लगाए गए सारे आरोप गलत हैं. फिर भी अगर उसे निर्दोष करार दे दिया जाएगा तो भी उसकी छवि काफी खराब हो चुकी है, इसलिए वह सुसाइड कर रहा है.

दरअसल ऑफिस में काम करने वाली दो महिलाओं ने स्वरूप राज पर यौन शोषण का आरोप लगाया था, जिसके बाद कंपनी ने उन्हें सस्पेंड करते हुए ऑफिस आने से मना कर दिया था.

जेनपैक्ट कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि आरोपों के चलते जांच के नतीजे आने तक व्यक्ति को निलंबित कर दिया गया था. उन्होंने कहा, कंपनी के एक कर्मचारी की असमय मौत काफी दुखद है. फ़िलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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