हेलीकॉप्टर घोटाले का राजदार जेल पहुंच जाएगा, 4 साल पहले कोई नहीं सोच सकता था: पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने असम के डिब्रूगढ़ जिले में ब्रह्मपुत्र नदी पर बने देश के सबसे बड़े रेल-सड़क पुल (बोगीबील पुल) का उद्घाटन कर दिया है। इसके बाद पीएम मोदी ने कहा कि विकास की यह गति असम के साथ-साथ नॉर्थ-ईस्ट की तस्वीर बदल देगी।

पीएम मोदी ने बोगीबील पुल का उद्घाटन करने के बाद कहा कि ये देश का सबसे लम्बा रेल-रोड ब्रिज है। ये देश का पहला पूरी तरह से स्टील से बना रेल-रोड ब्रिज है। ये पुल सिर्फ एक पुल नहीं है बल्कि ये इस क्षेत्र के लाखो लोगों के जीवन को जोड़ने वाली लाइफलाइन है। इससे असम और अरुणाचल के बीच की दूरी सिमट गई है।

पीएम मोदी ने कहा कि हेलीकॉप्टर घोटाले का राजदार जेल पहुंच जाएगा, 4 साल पहले कोई नहीं सोच सकता था। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मेडिकल सेक्टर में भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि चार साल पहले कोई नहीं सोच सकता था कि हेलीकॉप्टर घोटाले का सबसे बड़ा राजदार जेल में चला जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि समयसीमा अब सिर्फ कागज पर लिखने की बात नहीं रह गई है। असम में कई प्रोजक्ट्स जो कई सालों से अधूरे थे, वो यह तो पूरे हो चुके हैं, यह फिर पूरे होने वाले हैं।

इस पुल के पूरा होने में दो दशक से अधिक का समय लगा। बीजी (बड़ी लाइन) ट्रैक पर डबल लाइन और सड़क के तीन लेन के साथ निर्मित यह पुल देश के अधिकांश पूवोर्त्तर इलाकों का जीवन रेखा होगा। यह असम और अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र में ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तर और दक्षिण तट के बीच संपर्क की सुविधा भी प्रदान करेगा।

बोगीबील पुल परियोजना असम समझौते 1985 का एक हिस्सा है और इसे वर्ष 1997-98 में स्वीकृत किया गया था। तत्कालीन प्रधान मंत्री एच डी देवेगौड़ा ने 22 जनवरी 1997 को इस परियोजना की आधारशिला रखी थी। इसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 21 अप्रैल 2002 को इस परियोजना का काम शुरू किया गया था और उनकी जयंती के मौके पर मंगलवार को पुल राष्ट्र को समर्पित किया जा रहा है।

यह पुल असम के पूर्वी भाग में डिब्रूगढ़ को ब्रह्मपुत्र के उत्तर हिस्से के जरिये दिल्ली और कोलकाता का भाया रंगिया से वैकल्पिक और छोटा मार्ग प्रदान करेगा। डिब्रूगढ़ से रंगिया की दूरी 170 किमी कम हो जाएगी। असम के ईटानगर में डिब्रूगढ़ से सड़क की दूरी 150 किलोमीटर कम हो जाएगी और इन दोनों बिंदुओं के बीच की रेलवे यात्रा दूरी 705 किमी कम हो जाएगी।

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