गुर्जर आरक्षण आंदोलन: रेलवे ट्रैक पर महापड़ाव जारी, भरतपुर में भी धारा-144

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पांच फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जर आंदोलनकारी  लगातार चौथे दिन सोमवार को भी सवाई माधोपुर के मलारना डूंगर में दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर डटे हुए हैं. रविवार को धौलपुर में गुर्जर आंदोलनकारी होने के बाद एहतियात के तौर पर भरतपुर जिले में भी धारा-144 लगा दी गई है. इससे पहले आंदोलन स्थल मलारना डूंगर क्षेत्र सहित गुर्जर बाहुल्य दौसा और करौली में भी धारा-144 लागू की जा चुकी है.

आंदोलन के चलते पिछले चार दिन से  दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पूरी तरह से ठप्प है. इसके कारण इस मार्ग से गुजरने वाली ट्रेनों को रद्द करने और उनका मार्ग परिवर्तित करने का सिलसिला भी बदस्तूर जारी है. सोमवार को भी कोटा रेल मंडल ने 4 ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द कर दिया है, वहीं 6 ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है. रेलवे का चार्ट गड़बड़ाने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. करौली-हिंडौन मार्ग पर भी लगातार तीसरे दिन जाम जारी है, जिससे इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह से ठप्प है.

यह रहेगी आंदोलनकारियों की आज की रणनीति
आंदोलन की रणनीति के तहत सोमवार को विभिन्न इलाकों में गुर्जर समाज की महापंचायतें और राजमार्ग जाम करना प्रस्तावित है. इन महापंचयतों में आंदोलन को धार देने की आगामी रणनीति पर चर्चा की जाएगी. अजमेर-नागौर जिले की सीमा पर बॉडी घाटी में गुर्जर समाज प्रदर्शन करेगा. समाज के लोग थांवला गांव में एकत्रित होकर बॉडी घाटी की ओर कूच करेंगे. कोटा में किशोरपुरा में गुर्जर समाज के लोग देवनारायण मंदिर में जुटेंगे. इनके साथ रेबारी, बंजारा और गाड़िया लुहार समाज के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.

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